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Rashtriya Kishor Swasthya Karyakram

Background

किशोरावस्था (10-19 वर्ष) वृद्धि तथा विकास की एक महत्वपूर्ण अवस्था होती है। यह बाल्यावस्था से किशोरावस्था में परिवर्तन का समय होता है तथा इस अवस्था में शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन बहुत तीव्रता से होते हैं। इन परिवर्तनों के कारण उन्हें अनेक प्रकार के समस्याओं का सामना करना पड़ता है। किशोरो को बेहतर एवं स्वस्थ जीवन व्यतीत करने हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया गया।

Brief Note

2011 की जनगणना के अनुसार, बिहार की कुल जनसंख्या (10.41 करोड़) का 22.47% अर्थात् (2 करोड़ 33 लाख) किशोर/किशोरियों का है। कुल आबादी का लगभग 13% (1 करोड़ 39 लाख) 10-14 वर्ष के आयु वर्ग में है तथा लगभग 9% (94 लाख 72 हजार) 15-19 वर्ष के आयु वर्ग में है। राज्य के करीब दो करोड़ किशोर/किशोरियों को उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं कल्याण हेतु मई 2014 से राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

Scheme

इस कार्यक्रम के चार अवयव है तथा आयुष्मान भारत के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है:-

  • i) युवा क्लिनिक (Yuva clinic)
  • ii) माहवारी स्वच्छता कार्यक्रम (Menstrual Hygiene Scheme)
  • iii) साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड अनुपूरण (Weekly Iron Folic Acid Supplementation)
  • iv) पीयर एडुकेटर कार्यक्रम (Peer Educator Programme)
  • v) स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम (School Health Programme)

i) युवा क्लिनिक (Yuva Clinic)

राज्य के 10 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों (HPD) यथा - अररिया, पूर्वी चंपारण, गया, जमुई, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा, सीतामढ़ी एवं शिवहर अंतर्गत चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, सदर अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर युवा क्लिनिक की स्थापना की गई है। साथ ही अन्य 11 जिलों के सदर अस्पताल एवं चार चयनित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर युवा क्लिनिक की स्थापना की गई है। युवा क्लिनिक में मुख्यतः छः महत्वपूर्ण विषयों पर यथा - किशोरों में पोषण के विभिन्न आयाम, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, लिंग आधारित हिंसा एवं चोटें, नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्परिणाम, गैर संचारी रोग तथा मानसिक स्वास्थ्य पर परामर्श एवं चिकित्सा सेवाएँ दी जाती है, जिसकी विवरणी इस प्रकार हैः-

  • पोषण संबंधी परामर्श।
  • माहवारी से संबंधित समस्याओं पर सलाह एवं उपचार।
  • प्रजनन तंत्र एवं यौन जनित रोगों पर परामर्श।
  • प्रसवपूर्व जाँच एवं सलाह।
  • परिवार नियोजन संबंधी परामर्श।
  • सुरक्षित गर्भपात हेतु मार्गदर्शन।
  • विवाह की आयु पर परामर्श।
  • समुचित रेफरल सेवा।
  • मानसिक रोग पर परामर्श।
  • गैर संचारित रोग पर परामर्श।

ii) माहवारी स्वच्छता कार्यक्रम (Menstrual Hygiene Scheme)

राज्य के सभी जिलों में Menstrual Hygiene Programme को क्रियान्वित किया जाना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय नहीं जानेवाली किशोरियों को आशा द्वारा सामाजिक विपणन के माध्यम से सेनेटरी नैपकीन (प्रति पैकेट Rs 6) वितरित किया जाना हैं। विद्यालय जानेवाली किशोरियों को शिक्षा विभाग के माध्यम से सेनेटरी नैपकीन हेतु वर्ष में एक बार एकमुश्त राशि उपलब्ध कराई जाती है।

iii) साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड अनुपूरण (Weekly Iron Folic Acid Supplementation)

किशोर तथा किशोरियों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार एवं एनीमिया रोग में कमी लाने के उद्देश्य से Weekly Iron Folic Acid Supplementation (WIFS) कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

कार्यक्रम के तहत दो लक्षित समुहों पर विशेष ध्यान दिया गया हैः-

  • 1. वर्ग 6 से 12 तक के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले किशोर एवम् किशोरियों को साप्ताहिक IFA Tablet (नीली गोली) का वितरण।
  • 2. 10 से 19 वर्ष तक के स्कूल नहीं जाने वाले सभी किशोरियों को आँगनबाड़ी केन्द्रों पर साप्ताहिक IFA Tablet (नीली गोली) का वितरण।

iv) पीयर एडुकेटर कार्यक्रम (Peer Educator Programme)

पीयर एजुकेटर 10 से 19 वर्ष के किशोर/किशोरियों में से ही चुने गए किशोर/किशोरी होते हैं जो शरीर के विकास के चरण में अनेक चुनौतियों का सामना करने तथा उपलब्ध अवसरों का बेहतरीन ढंग से उपयोग करने में अन्य किशोर/किशोरियों का मार्गदर्शन व मदद करते हैं।

पीयर एडुकेटर कार्यक्रम राज्य के 10 HPD में लागू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत पहले चरण में प्रत्येक जिलें के 50% प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को चुना गया है। प्रत्येक चयनित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के दो अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का चयन किया गया है। चयनित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अंतर्गत आने वाले सभी स्वास्थ्य उप केन्द्रों को कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

पीयर एडुकेटर का चयन आशा के द्वारा किया जाना है। सभी गांवों में आशा अपने पोषक क्षेत्र (1000 की जनसंख्या) में समुदाय के सहयोग से 4 पीयर एडुकेटर (2 किशोर एवं 2 किशोरियों) का चयन करेंगी। चयनित पीयर एडुकेटर को सर्वप्रथम प्रशिक्षित ए.एन.एम. द्वारा प्रजनन स्वास्थ्य, पोषण, माहवारी, नशीले पदार्थ के सेवन का परिणाम, मानसिक रोग, गैर संचारी रोग एवं घरेलु हिंसा संबंधित विषयों पर प्रशिक्षित किया जाना है।

v) स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम (School Health Programme)

स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और मानव संसाधन और विकास मंत्रालय (केन्द्र एवं राज्य) की एक संयुक्त पहल है। जिसका उद्देश्य है-

  • a) स्कूलों में बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण के बारे में उचित जानकारी प्रदान करना।
  • b) बच्चों के जीवन में स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करना।
  • c) बच्चों और किशोरों में शुरूआत में ही बीमारियों का पता लगाना और उनका इलाज करना, जिनमें कुपोषित और एनीमिक बच्चों की पहचान कर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और अस्पतालों में रेफरल करना भी शामिल है।
  • d) स्कूलों में सुरक्षित पेयजल के उपयोग को बढ़ावा देना।
  • e) लड़कियों द्वारा सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देना।
  • f) स्वास्थ्य और कल्याण राजदूतों के माध्यम से योग और ध्यान को बढ़ावा देना।
  • g) बच्चों के लिए स्वास्थ्य, कल्याण और पोषण पर अनुसंधान को प्रोत्साहित करना।

बिहार राज्य में आयुष्मान भारत कार्यक्रम अंतर्गत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम का शुभारम्भ दिनांक 06-01-2021 को किया गया है।

लक्ष्य समूह

  • स्कूल स्वास्थ्य संवर्धन गतिविधियों को देश के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के बीच लागू किया जाएगा।
  • वित्तीय वर्ष 2020-2021 में राज्य के 5 जिलों यथा - जमुई, गया, कटिहार, पूर्णिया एवं सीतामढ़ी का चयन किया गया है।

कार्यक्रम का संचालन

क) प्रत्येक विद्यालय से दो शिक्षकों (एक महिला एवं एक पुरुष) को स्वास्थ्य एवं कल्याण राजदूत (Health and Wellness Ambassadors) के रूप में नामित किया जायेगा।

  • सक्रिय संचार कौशल और क्षमता वाले स्वप्रेरित शिक्षक जो छात्रों से जुड़े हो का चयन किया जाना चाहिए।
  • विज्ञान एवं शारीरिक शिक्षा पृष्ठभूमि के शिक्षकों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
  • Health and Wellness Ambassadors के रूप में चुने जाने वाले शिक्षकों की आयु 50 वर्ष से कम होनी चाहिए।
  • Health and Wellness Ambassadors के रूप में चयनित शिक्षकों को प्रोत्साहन हेतु राज्य पदोन्नति के समय विशेष मान्यता देने पर विचार कर सकती है।

ख) प्रत्येक कक्षा से दो नामित छात्र इन स्वास्थ्य संवर्धक संदेशों को समाज तक पहुँचाने हेतु Health and Wellness Messenger के रूप में कार्य करेंगे।

ग) विद्यालय में प्रत्येक बुधवार को स्वास्थ्य एवं कल्याण दिवस (Health and Wellness Day) के रूप में समर्पित होगा।

News and Events

वित्तीय वर्ष 2021-2022 में स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत शेष आठ आकांक्षी जिलों यथा- अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, खगड़िया, मुज्जफ्फरपुर, नवादा एवं शेखपूरा तथा एक Demonstration जिला नालंदा में कार्यक्रम का संचालन किया जाना प्रस्तावित है।

Achievement

एनीमिया के रोकथाम के लिए 10 से 19 वर्ष तक के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले किशोर एवम् किशोरियों को विद्यालय के माध्यम से तथा विद्यालय नहीं जाने वाले सभी किशोरियों को आँगनबाड़ी केन्द्रों पर साप्ताहिक IFA Tablet (नीली गोली) का मुफ्त अनुपूरण किया जा रहा है।